विजय का क्षण
18 अगस्त 2025 को जयपुर के भव्य मंच पर मणिका विश्वकर्मा को मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 का ताज पहनाया गया। उन्होंने 48 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए यह गौरवशाली खिताब अपने नाम किया
मूल और पृष्ठभूमि
मणिका का जन्म श्रीगंगानगर, राजस्थान में हुआ। फिलहाल वह दिल्ली में रहती हैं, जहाँ वे राजनीतिक विज्ञान और अर्थशास्त्र में स्नातक की अंतिम वर्ष की छात्रा हैं

बहुमुखी प्रतिभा
- कला व नृत्य: मणिका एक प्रशिक्षित शास्त्रीय नर्तकी और चित्रकार हैं। उन्हें ललित कला अकादमी और J.J. स्कूल ऑफ़ आर्ट्स से सराहा गया है
- राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व: उन्होंने विदेश मंत्रालय की BIMSTEC Sewocon पहल में भारत का प्रतिनिधित्व किया ।
- एनसीसी से जुड़ाव: छात्र जीवन में ही मणिका एनसीसी कैडेट रही हैं, जिससे उनमें अनुशासन की भावना विकसित हुई ।
न्यूरोडाइवर्जेंस के प्रति प्रतिबद्धता
मणिका ने Neuronova नामक पहल शुरू की है, जो ADHD और अन्य न्यूरोडाइवर्जेंट स्थितियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए काम करती है। उनका उद्देश्य इन स्थितियों को कमजोरी नहीं बल्कि अलग सोचने की क्षमता के रूप में देखना है ।
प्रतिभा से भरपूर मार्ग
2024 में मणिका को मिस यूनिवर्स राजस्थान का खिताब भी मिला था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और “Best in Personal Interview” और “Miss Beautiful Smile” जैसे शीर्षक जीतकर वक्ताओं की श्रेणी में शीर्ष 5 में रहीं Wikipedia।
अंतिम प्रश्न व विजयी उत्तर
फिनाले का निर्णायक क्षण तब आया जब उनसे पूछा गया कि क्या वे महिलाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देंगी या आर्थिक सहायता को? मणिका ने महिलाओं की शिक्षा को चुना, क्योंकि यह सिर्फ किसी एक की ज़िन्दगी नहीं बदलता, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के भविष्य को आकार देता है |
भावपूर्ण संदेश
जीत के बाद मणिका ने कहा:
“गंगानगर से शुरू हुई मेरी यह यात्रा दिल्ली तक पहुंची। आत्मविश्वास और हिम्मत से इस मुकाम तक पहुँचना संभव हुआ। इस सफर में हर किसी का योगदान रहा—उन सभी का धन्यवाद।”
उन्होंने यह भी बताया कि पेजेंट्री सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, एक दुनिया है जो चरित्र और आत्म-प्रेरणा को आकार देती है ।
मिस यूनिवर्स 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी मणिका विश्वकर्मा
मणिका विश्वकर्मा की कहानी केवल सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दृढ़ता, प्रतिभा, और सामाजिक समर्पण का संगम है। एक छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुँचना, कला, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके योगदान उन्हें अलग पहचान देते हैं। अब जहाँ वे मिस यूनिवर्स 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी, वहीं हमें उनसे प्रेरणा मिलती है कि कोई सपना छोटा नहीं होता—बस उसे विश्वास के साथ जीना चाहिए।









